हैलो फ्रेंड्स,
मैं वैभव। पिछले 2 साल से 15-18 छोटे बिजनेस (ज्यादातर ट्रेडर्स और सर्विस प्रोवाइडर) के GST return फाइल कर रहा हूँ।
ज्यादातर लोग entry तो कर लेते हैं, लेकिन GSTR-1 और GSTR-3B फाइल करने में घबरा जाते हैं। मैं आज वो स्टेप-बाय-स्टेप तरीका बता रहा हूँ जो मैं रोज़ इस्तेमाल करता हूँ – औसतन 25-30 मिनट में काम हो जाता है।
Step 1 – सारी entries पहले ही फाइनल कर लो
- हर महीने 25 तारीख तक सारी sales, purchase, debit/credit note entry कंप्लीट।
- Display → Statutory Reports → GST → GSTR-1 में जाओ
- Pending या unmatched invoices दिखेंगे – सब clear करो।
Step 2 – GSTR-1 तैयार और अपलोड
- GSTR-1 रिपोर्ट खोलो → Export → Excel format में डाउनलोड
- Excel में चेक करो: GSTIN सही है, taxable value सही है, rate सही है
- फिर Export → JSON format में डाउनलोड करो
- gst.gov.in पर जाओ → Services → Returns → GSTR-1 → Prepare Online → Upload JSON
मेरी ट्रिक: हमेशा JSON अपलोड करता हूँ – error बहुत कम आता है। Excel से अपलोड करने में बार-बार format issue होता है।
Step 3 – GSTR-3B फाइल करना
- GSTR-3B में ज्यादातर डेटा GSTR-2B auto-fill हो जाता है
- बस इन चीजों को मैन्युअली चेक करो:
- Input tax credit (ITC) सही है कि नहीं
- Reverse charge वाली entries
- Interest/penalty अगर कोई है
| स्टेप | क्या करना है | Tally Prime में कहाँ जाना है | मेरी ट्रिक / ध्यान देने वाली बात |
|---|---|---|---|
| 1 | सभी entries चेक करना और कंप्लीट करना | Display → Statutory Reports → GST → GSTR-1 | 25 तारीख तक सारी entries फाइनल कर लो |
| 2 | GSTR-1 तैयार करना और export करना | GSTR-1 → Export → JSON format | JSON फाइल ही अपलोड करो – error बहुत कम आता है |
| 3 | GST पोर्टल पर GSTR-1 अपलोड करना | gst.gov.in → Returns → GSTR-1 → Upload JSON | अपलोड करने से पहले Excel में भी एक बार चेक कर लो |
| 4 | GSTR-3B में डेटा चेक करना | GSTR-3B → Auto-populated डेटा चेक करें | ITC और Reverse Charge entries जरूर देखो |
| 5 | GSTR-3B फाइल करना | gst.gov.in → GSTR-3B → File with DSC/EVC | फाइल करने से पहले preview जरूर देख लो |
एक गलती जो मैंने की थी एक बार 18% की जगह 12% GST डाल दिया था एक सर्विस invoice में। जब GSTR-3B में mismatch दिखा तो ₹14,000 का extra tax भरना पड़ता – बहुत बाल-बाल बचा। अब हर महीने एक dummy invoice बनाकर test कर लेता हूँ।
| काम | Manual तरीके से | Tally Prime से | फायदा (Tally Prime में) |
|---|---|---|---|
| डेटा एंट्री | सारे invoices मैन्युअल डालने पड़ते हैं | एक बार entry करो, ऑटो GST रिपोर्ट बन जाती है | समय बचता है |
| Error चेकिंग | हर चीज खुद चेक करनी पड़ती है | Pending / Unmatched invoices ऑटो दिख जाते हैं | गलती पकड़ना आसान |
| GSTR-1 तैयार करना | Excel में सब कुछ मैन्युअल | एक क्लिक में JSON/Excel export | बहुत तेज़ |
| GSTR-3B | ज्यादातर डेटा फिर से डालना पड़ता है | GSTR-1 से ऑटो-पॉपुलेट हो जाता है | दोबारा काम नहीं करना पड़ता |
| समय लगता है (मेरे अनुभव में) | 2–3 घंटे | 25–35 मिनट | 80% समय बचता है |
तुम्हारे लिए सवाल
- तुम किस तरह का बिजनेस चलाते हो?
- महीने में कितने invoices होते हैं?
- GST return में सबसे ज्यादा दिक्कत कहाँ आती है?
| गलती | क्या होता है | बचाव कैसे करें |
|---|---|---|
| GST rate गलत डालना | Tax mismatch → penalty या extra tax | Dummy invoice बनाकर टेस्ट करो (मैं हर महीने करता हूँ) |
| Excel से अपलोड करना | Format error बहुत आते हैं | JSON फाइल ही अपलोड करो |
| ITC चेक न करना | Input tax credit मिस हो जाता है | GSTR-2B से match जरूर करो |
| Entries 30 तारीख तक करना | जल्दबाजी में गलतियाँ | 25 तारीख तक सब कंप्लीट कर लो |
Comment में लिख दो – मैं अगले हफ्ते उसी प्रॉब्लम पर पूरा पोस्ट बना दूंगा।


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